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Ramayan के ‘भरत’ ने 40 की उम्र में कहा था दुनिया को अलविदा

जब से दूरदर्शन (Doordarshan) ‘रामायण’ (Ramayan) दोबारा लेकर आया है, तब से ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर दर्शकों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. हर कोई इस धार्मिक शो से जुड़े एक्टर्स के बारे में जानना चाहता है. रामायण से कई किरदारों के बारे में हम आपको लगातार जानकारी दे रहे हैं. वहीं अब यहां पर हम आपको बताने जा रहे हैं रामायण में भगवान राम के प्रिय भाई भरत (Bharat Actor) का किरदार निभाने वाले अभिनेता संजय जोग (Sanjay Jog) के बारे में. संजय अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन भरत के किरदार में जानदार अभिनय करके वो खुद को हमेशा के लिए अमर कर गए हैं. संजय जोग का निधन एक 40 वर्ष की उम्र में ही हो गया था.

रामानंद सागर की रामायण में सबसे इमोशनल और भावपूर्ण किरदार निभाने वाले अभिनेता संजय जोग को इंडस्ट्री ने तब खो दिया था जब वो मजह 40 की उम्र के थे. उनकी मौत का कारण उनका लीवर फेल होना था. भरत के किरदार से घर-घर में मशहूर हो चुके संजय जोग के फैंस को उनके निधन की खबर ने हिलाकर रख दिया था. लिवर फेल होने की वजह से 27 नवंबर 1995 को उनका निधन हो गया था.

भरत के किरदार से अमर हो गए संजय जोग

संजय 1980-90 के दौर में संजय टीवी के मशहूर एक्टर रहे. लेकिन वो एक्टर से ज्यादा एयरफोर्स पायलट बनने की चाह रखते थे. उनके माता-पिता को ये मंजूर नहीं था. इसके पीछे वजह भी काफी दर्दनाक थी. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि संजय के परिवार ने 1971 में हुए इंडो-पाकिस्तान युद्ध में कुछ करीबी रिश्तेदारों को खो दिया था. इस सदमे से परिवार उबर नहीं पा रहा था. यही कारण था कि संजय के माता-पिता उन्हें पायलट नहीं बनाना चाहते थे.

महाराष्ट्रे के नागपुर में जन्मे संजय ने मुंबई के एक स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया था. उन्होंने 1976 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘सिपला’ से स्क्रीन पर डेब्यू किया था. ये फिल्म कुछ खास नहीं चली. इसके बाद संजय ने नागपुर वापस आकर खेती शुरु कर दी लेकिन इसी दौरान उनकी किस्मत पलटी और उन्हें मराठी फिल्म ‘जिद’ में लीड रोल का ऑफर मिला. ये फिल्म हिट हुआ और संजय का करियर भी चल पड़ा. हिंदी सिनेमा में उन्होंने ‘अपना घर’ से डेब्यू किया. इसके बाद उन्हें कई फिल्मों के देखा गया.

वहीं फिल्मों में काम करते-करते ही उन्हें रामानंद सागर की ‘रामायण’ में काम करने का मौका मिला था. बताया तो यहां तक जाता है कि पहले संजय को ‘लक्ष्मण’ का रोल ऑफर हुआ था लेकिन उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया था. हालांकि बाद में उन्होंने ‘रामायण’ में खुद से काम करने की इच्छा जताई तो उन्हें ‘भरत’ का किरदार मिला. आज संजय भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अपने निभाए यादगार किरदारों के जरिए वो हमेशा जिंदा रहेंगे.

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