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सरगुजा – आपदा में अवसर तलाश रहे निजी अस्पताल, नही हो रहा शासन के दिशा निर्देशों का पालन

सोनुबकेदार अम्बिकापुर – कोरोना महामारी को लेकर जहां आपदा से निपटने के लिए शासन प्रशासन जद्दोजहद कर रहा है तो वही सरगुजा में निजी अस्पताल इस आपदा को अवसर के रूप में उपयोग कर रहे है आलम ये है कि शासन के द्वारा गाइडलाइन तय करने के बाद भी इसका पालन नही हो पा रहा और लोगो से इलाज के नाम पर पैसों की वसूली की जा रही है इधर गाइडलाइन तय करने के बाद स्वास्थ विभाग का अमला इसके पालन कराने में लाचार नजर आ रहा है। बता दे कि सरगुजा जिले में कोविड के इलाज के लिए प्रशासन ने मेडिकल कालेज अस्पताल के अलावा अम्बिकापुर के 5  निजी अस्पतालों को चिन्हांकित किया है और यहां शासन के गाइडलाइन के साथ ही आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा दी गई है

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मगर अम्बिकापुर के कुछ निजी अस्पताल सरकार की गाइडलाइन का पालन करने के बजाय यहां मरीजो से पैसों की जमकर उगाही कर रहे पहला मामला शहर के सबसे बड़े निजी अस्पताल जीवन ज्योति का है जहां कोरोना संक्रमित मरीज को दाखिल किया गया मगर यहां उसे 3 दिन के भीतर 1 लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया गया और पैसे नही देने पर मरीज को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जब परिजन मरीज को लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल पहुचे तो यहां उपचार के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया इसकी शिकायत हुई मगर कोई कार्रवाई नही हो सकी इसी तरह शहर के एकता हॉस्पिटल में एक महिला को दाखिल कराया गया जहां 3 दिन के इलाज के बाद परिजनों को 2 लाख 64 हजार का भारी भरकम बिल दिया गया परिजनों ने इसे लेकर स्वास्थ मंत्री से शिकायत की साथ ही मामले की शिकायत कोतवाली थाने में भी लिखित रूप में की है।

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इधर सरगुजा जिले में सबसे पहले आयुष्मान योजना के जरिये इलाज की पहल शुरू की गई यही नही सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए गाइडलाइन भी तय किया है जिसके तहत आइसोलेसन बेड के लिए 6200 रुपये रोजाना जिसमे सपोर्टिव केयर पीपीई किट की सुविधा होगी इसी तरह आईसीयु बेड के लिए 12000 और वेंटिलेटर के लिए 17हजार रोजाना के दर तय किये गए है इस राशि मे रजिस्ट्रेसन और बोर्डिंग की सुविधा के साथ डाक्टरो की फीस भी इंक्लूड रहेगी ऐसे में शासन के निर्देशों का सरगुजा के कई अस्पताल पालन नही कर रहे सीएमएचओ खुद स्वीकार कर रहे है कि कुछ अस्पतालों की शिकायत मिली है जिनमे से कुछ को नोटिस भी जारी किया गया है

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मगर कार्रवाई अब तक किसी पर नही हो सकी है इधर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है जिस्के बाद  कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल कोरोना के इस महा संकटकाल में अवसर है आपसी सहयोग औऱ जरूरत मंद लोगो के मदद का ताकि इस विपदा से पार पाया जा सके मगर निजी अस्पतालों की मनमानी से साफ है कि वो इस आपदा में भी अपना फायदा देखने से बाज नही आ रहे वही प्रशासन सिर्फ गाइडलाइन बना मुबधिर बन देखने के अलावा कोई कार्रवाई करती नजर नही आ रही।

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