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सरगुजा – बेतरतीब तरीके से रखी कुर्सियां , कमरे में पड़े दवाईयों का जखीरा, तस्वीर शासकीय जिला आयुवेर्दिक अस्पताल का जहां अव्यवस्था और बदहाली

सोनु केदार अम्बिकापुर –  बेतरतीब तरीके से रखी कुर्सियां , कमरे  में पड़ी  दवाईयों का जखीरा ,ये तस्वीर शासकीय जिला आयुवेर्दिक अस्पताल का  है ये अस्पताल अव्यवस्था और  मनमानी का शिकार है यहाँ पर पदस्थ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमानी ऐसी की अस्पताल में आना मुनासिब नहीं समझते। पढ़िए ये खबर 

एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना महामारी के  संकट में अस्पताल और डॉक्टरों के भरोसे टिके है  लेकिन शहर के गंगापुर  स्थित जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पताल से  अक्सर  नदारत पाए जाते है इसका खुलासा तब हुआ जब कोरोना के बढ़ते सक्रमण को देखते हुए आयुवेर्दिक अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाने के उदेश्य से मेडिकल कॉलेज के अधिकारी डॉक्टर सहित कॉंग्रेश के जन प्रतिनिधी अस्पताल परिसर का मुआयना करने पहुंचे।

इस  आयुवेर्दिक अस्पताल परिसर में अस्पताल खुलने, बंद होने और डॉक्टरों के संबंध में न कोई जानकारी लिखी है  और न ही फोन नंबर लिखा है जानकारी लेने पर पता चला की इस अस्पताल में कुल 18 डॉक्टर सहित स्वास्थ्य कर्मचारी पदस्थ है लेकिन मौके में कुल चार स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद मिले जिससे नाराज  श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सफी अहमद ने  आर्युवेदिक विशेषज्ञ अधिकारी दीपक जयसवाल पर फटकार लगाई और नदारत कर्मचारियों की शिकायत कर कार्यवाही करने की बात कही है।

वही  विशेषज्ञ आर्युवेदिक अधिकारी डॉ दीपक जयसवाल ने अस्पताल के ओपीडी समय समाप्त होने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों को  घर जाने की बात कही और अस्पताल परिसर की सारी अव्यवस्था का टिकरा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी  के सर फोड़ अपना पलड़ा झाड़ बचते नजर आये ।

  जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन एक करोड़ से अधिक की लागत से  सर्वसुविधायुक्त बनाया गया है यहां मरीजों को भर्ती  रख इलाज  करने की सुविधा है,लेकिन ओपीडी का भी व्यवस्थित तरीके से संचालन न होना अस्पताल के व्यवस्था की पोल  खोलता दिखाई दे रहा है फ़िलहाल सरगुजा कलेक्टर तक इस अस्पताल की शिकायत पहुंची है वही  साहब जांच कर कार्यवाही करने की बात कह रहे है 

बहरहाल   24 घंटे सेवा वाला इस आर्युवेदिक अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ कर्मचारियों का नदारत रहने पर कलेक्टर साहब ने  जांच कर भले ही कार्यवाही करने की बात कही  है  लेकिन  अस्पताल में जिम्मेदार अधिकारियो से लापरवाही का आरोप मरीज पहले भी लगा चुके है  अब तो जनप्रतिनिधिओं ने लिखित में  शिकायत की है अब देखना होगा की नदारत जिम्मेदारों पर कार्यवाही होती है या  यहाँ पर पदस्थ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमानी ऐसी ही चलती रहेगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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