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जवान हो गए शहीद और मुख्यमंत्री भुपेश असम के चुनाव प्रचार में व्यस्त, पूर्व सीएम डॉ. रमन का गंभीर आरोप

बीजापुर जिले में शनिवार नक्सलियों के साथ हुए भीषण मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो जाने की खबर मिली हैं। इस पर भाजपा ने कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बीजापुर की घटना की पीड़ादायक बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को जवानों के जान की परवाह नहीं है। ऐसे समय में जब कई सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। वह सरकारी कर्मचारियों के साथ यहां डेरा डाले हुए हैं और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। चुनाव आयोग को इस मामले की जांच करनी चाहिए।

मंगलदोई से भाजपा सांसद दिलीप सैकिया ने आरोप लगाया कि बघेल को जवानों के शहादत की परवाह नहीं है। छत्तीसगढ़ के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने के बजाय, कांग्रेस नेता असम में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि हम उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। बता दें कि शनिवार को हुए भीषण मुठभेड़ में अब तक 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं। वहीं 30 जवान घायल हुए हैं। आपको बता दें सीएम भूपेश बघेल फिलहाल असम में हैं और वह शाम तक रायपुर लौट आएंगे।

बीजापुर में हुई नक्सल घटना और कोरोना के बढ़ते मामलों पर पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बीजापुर की घटना की पीड़ादायक बताते हुए कहा कि आज इस परिस्थिति में भी कोई जवाबदार व्यक्ति छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता असम चुनाव हो गई है, लेकिन शहीद हुए जवानों के परिजनों को सांत्वना देने के दो शब्द नहीं है। किसी राज्य का मुख्यमंत्री इतना असंवेदनशील नहीं हो सकता।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा है। शहीद जवानों की बॉडी रिकवर नहीं हुई है, और मुख्यमंत्री असम चुनाव में डटे हुए हैं। बस्तर को लेकर यह बार-बार सवाल उठाते थे कि कोई आईजी पदस्थ नहीं है, आज बस्तर में डीआईजी नक्सल सम्भाल रहा है। ये गैर जवाबदार सरकार हैं। गृहमंत्री को अब तक बस्तर पहुंच जाना चाहिये था।

उन्होंने कहा कि यह सूचना आ रही थी कि बीजापुर के उस इलाक़े में बड़ी संख्या में नक्सलियों का जमावड़ा हो रहा है। फोर्स के पास यूएवी है। लोकेशन ट्रेस करने में मदद ली जा सकती थी, लेकिन जो एहतियात बरतना चाहिए था उसमें कमी देखी गई। दस दिनों के भीतर दो बड़ी घटना घट गई। नक्सलियों के खिलाफ मुँह तोड़ जवाब देने के हम सिर्फ़ बयान सुनते हैं।

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