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Mother’s Day 2021 – जानें क्यों मनाया जाता है इसका क्या है इतिहास

Mother’s Day 2021 : कहते हैं कि एक माँ वह होती है जो अन्य सभी की जगह ले सकती है, लेकिन कोई भी उसकी जगह नहीं ले सकता है और हम सभी जानते हैं कि यह एक स्व-स्पष्ट सत्य है। जिस दिन से बच्चा इस संसार में जन्म लेता है और जब तक वह अंतिम सांस लेती है उस दिन तक वह सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चे के लिए ही जीती है।

बच्चे को पहले दिन से ही खाना खिलाने, उसका गुस्सा सहना, उसके दुःख-दर्द को अपना समझना, ज़रुरत के वक्त उसका मार्गदर्शन करना माँ का कर्तव्य है और वह अपने इस कर्त्तव्य का निर्वाह भी बहुत ही शालीनता से करती है। हम समय के साथ बड़े होते जाते हैं और कभी-कभी माँ के साथ दुर्व्यवहार भी करते हैं लेकिन माँ का प्यार कभी भी नहीं बदलता है। दुनिया के लिए व्यक्ति कितना भी बड़ी हो जाये लेकिन एक माँ के लिए उसकी संतान हमेशा ही छोटी रहती है। माँ के ऐसे अटूट प्यार को व्यक्त करने के लिए हम हर साल मई माह के दूसरे रविवार को Mother’s Day | मदर्स डे मनाते हैं।

मदर्स डे | Mother’s Day 2021
मई के दूसरे रविवार को हम मातृ दिवस या मदर्स डे के रूप में मानते हैं ऐसे तो माँ के लिए साल के 365 दिन भी न्योछावर कर दिए जाए तो वो भी कम हैं लेकिन साल में एक दिन तो हम अपनी माँ को स्पेशल फील करा सकते हैं, उन्हें यह बता सकते हैं हैं कि वह हमारी ज़िन्दगी का कितना ही जरुरी हिस्सा हैं, उनके बिना हम कुछ भी नहीं। आज हम जो भी हैं सिर्फ उनके कारण ही हैं।

कहने को “माँ” एक बहुत ही छोटा सा शब्द लेकिन यह अपने ही अंदर हज़ारों सीख छुपाये बैठा है। माँ जो एक औरत का रूप होती है जो वक़्त आने पर कभी दुर्गा , कभी काली तो कभी सावित्री बन जाती है। वैसे तो इस सृष्टि का निर्माण भगवान ने किया पर उसके सृजन के उसने सबसे पहले माँ बनायी, माँ का अस्तित्व न कभी कम था और न कभी कम होगा। माँ का जीवन अपने आप में एक कहानी है। हम सब कुछ भी कर लें लेकिन माँ के बराबर कभी नहीं पहुँच सकते।

माँ हमे पैदा करती है एक नयी दुनिया दिखाती है अपना सारा लाड़-प्यार हम पर न्योछावर कर देती है। हमें कोई भी परेशानी हो वो भागी चली आती है। अपनी संतान के लिए एक माँ सारे संसार से लड़ जाती है लेकिन अगर हमारी गलती हो तो हमे डाँटती भी है। वही हमे जीवन की अच्छी और बुरी चीजों से रूबरू करवाती है। खुद चाहे पढ़ी-लिखी ना हो फिर भी ज़िन्दगी की बहुत सारी चीज़ो का ज्ञान सिर्फ हमे वही कराती है। कभी पापा की डाँट से बचाती है तो कभी चुपके से हमे हमारी पसंद की चीज खिलाती है। और इन सब के बदले वो हमसे कभी कुछ नहीं चाहती है।

हमारी सबसे पहली शिक्षक हमारी माँ ही होती है , रिश्तों की परिभाषा हमे वही समझाती है साथ में अदब का पाठ भी पढ़ाती है। हम गलत रास्ते पर ना जाये इसके लिए हमे हर मुश्किल से लड़ना सिखाती है। ऐसी हर माँ को करते हैं हम प्रणाम तुम रहो हमेशा स्वस्थ क्योंकि हम में बसती है हम सबकी जान।

क्यों मानते हैं Mother’s Day?

साल का सिर्फ एक दिन ही क्यों माताओं के लिए तो हमे साल का हर दिन ही उत्साह के साथ मनाना चाहिए। न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में माँओं अक्सर उनके अधिकार नहीं मिलते हैं। वे परिवार के लिए दिन-रात लगी रहती हैं। उनके द्वारा कई अनगिनत बलिदान दिए जाते हैं जो कि ध्यान देने योग्य होते हैं लेकिन हम इन सबको नज़रअंदाज कर देते हैं। इसलिए हम साल के एक दिन को मदर्स डे के रूप में मनाते हैं जिसमे हम उनके द्वारा किये गए अनगिनत और निर्भाव कर्तव्यों का सम्मान करते हैं और उनको यह बताते हैं कि माँ आप हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा हो।

मदर्स डे का इतिहास
प्राचीन काल से माताओं को सम्मानित करने वाले त्योहार मनाये जाते रहे हैं लेकिन अक्सर यह देवी-देवताओं से जुड़े होते थे। फ्राईजीन लोगों ने देवताओं की महान माँ “सबल” के लिए उत्सव का आयोजन किया। यूनानियों और रोमनों ने भी अपने देवताओं की माँ आकृति को सम्मानित किया। आज भी भारत में एक महत्वपूर्ण त्योहार दुर्गा पूजा, देवी दुर्गा के सम्मान के लिए मनाया जाता है।

वर्ष 1908 को अमेरिका में अन्ना जार्विस नामक एक महिला के द्वारा, उसकी माँ एन रीज़ जार्विस जो कि एक शांति कार्यकर्ता थी और जिनकी मृत्यु तीन साल पहले हो गयी थी, के सम्मान के लिए साल के एक दिन को “मदर्स डे” के रूप में मनाने इच्छा व्यक्त की गयी थी। जिसके बाद पहली बार अमेरिका में 1908 को Mother’s Day एक अवकाश के रूप में मनाया गया। अन्ना ने वेस्ट वर्जीनिया के सेंट एंड्रयूज मेथोडिस्ट चर्च में अपनी मां के लिए एक स्मारक बनवाया – जो कि अब इंटरनेशनल मदर्स डे के लिए पवित्र स्थान है। अन्ना जार्विस अपनी मां का सम्मान करना चाहती थी क्योंकि उनका मानना था कि माँ ही वह शख़्स होती है जो दुनिया भर में किसी भी व्यक्ति से ज्यादा आपके लिए काम करती है।

कब मनाते हैं मदर्स डे?
वैसे तो दुनिया भर के विभिन्न देशों में Mothers Day अलग-अलग समय पर मनाया जाता है लेकिन प्रतिवर्ष मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे भारत के साथ साथ-साथ दुनिया भर के सबसे ज्यादा देशों में मनाया जाता है। इस वर्ष 2021 को मई माह का दूसरा रविवार 09 मई 2021 को पड़ रहा है तो हम 09 मई तो Mother’s Day के रूप में मनाएंगे।

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