जशपुर – बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, टीकाकरण का भी बुरा हाल, सीएमएचओ ने झाड़ा पल्ला, मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना को लगा रहे पलीता – cgtop36.com | Cgtop36 Chhattisgarh exclusive news web portal
CGTOP36छत्तीसगढ़जशपुर

जशपुर – बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, टीकाकरण का भी बुरा हाल, सीएमएचओ ने झाड़ा पल्ला, मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना को लगा रहे पलीता

जशपुर जिले के बदहाल स्वास्थ्य सेवा की एक तस्वीर जिले के बगीचा विकासखंड में देखने को मिल रही है,आपको बता दे कि छतीसगढ़ सरकार के द्वारा ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना चालू किया गया इसके अंतर्गत दूर – दराज के गांवों में इलाज की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। जिन गांवों में हॉस्पिटल बहुत दूर हैं।

Read Also – गरियाबंद – शिक्षक ने की घर मे घुसकर महिला से छेड़छाड़, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

वहां बहुत से लोगो को इलाज सही समय पर न मिल पाने के कारण मौतें हो जाती हैं। ऐसे लोगों को बचाने के लिए ये योजना शुरू की गई है। इसका लाभ गरीब लोग ही नही सभी लोग ले सकते हैं। सरकार ये सुविधा सभी को समान रूप से प्रदान कर रही है। सरकार के इस जनहितैसी योजना जशपुर जिले स्टाफ के अभाव में दम तोड़ता नजर आ रहा है।

आपको बता दें की ये एक चलती – फिरती एम्बुलेंस सेवा है। जो कि इसमे एक एम्बुलेंस गाड़ी होती है, जिसमे एक अनुभवी डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट व ड्राइवर सहित 5 लोगों का स्टाफ हर वक्त मौजूद रहता है। जिले के बगीचा विकासखंड में भी MMU योजना संचालित है लेकिन सिर्फ एक डॉक्टर व एक नर्स के भरोसे चल रहा है, लंबे समय से फार्मासिस्ट व लैबटेक्निशियन गायब है।

Read Also – कोरोना से माता या पिता खो चुके बच्चों की फीस होगी माफ, इस नंबर पर लें सकते हैं जानकारी

वही mmu बगीचा में एक डॉक्टर व एक नर्स के भरोसे पिछले एक माह से चल रहा है और विभाग का इस ओर कोई ध्यान नही है विभाग कुम्भकर्णीय नींद में सोई हुई है, विभाग से जानकारी मांगने पर प्राइवेट संस्था के द्वारा संचालित है करके अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है। जबकि यह योजना सरकार के द्वरा पूरे प्रदेश में चलाई जा रही है। अभी स्वास्थ्य सेवा की बात करे तो कोरोना संकमण से पूरा प्रदेश की स्थिति नाजुक है बाउजूद उसके स्वास्थ्य कर्मचारियों का लापरवाही समझ से परे है।

मामले में जब मीडिया ने जिले के स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ पी सुथार से बात की तो उनके द्वारा उल्टा ही जवाब दिया गया, और कहा गया कि जिले में हम mmu की गाड़ी को कंट्रोल नही करते ये प्राइवेट सेक्टर की गाड़ी है, इन पर हमारा कोई कंट्रोल नही है हम इनका सैलरी भी नही देते। राज्य सरकार के mmu योजना की गाड़ी को प्राइवेट सेक्टर से जोड़कर पलड़ा झाड़ना जिले के स्वास्थ्य सेवा के लिए दुर्भाग्य जनक बात है।

Read Also – कोरोना के तीसरे लहर का खतरा सबसे ज्यादा बच्चों को, ऐसे रखें सुरक्षित, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

वहीं जिले के 18 से 45 वर्ष तक के लोगो का टीकाकरण चल रहा है, लोग बड़ी संख्या में टीका लगवाने सुबह से ही सेंटर में पहुंच रहे है, बाउजूद उसके स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते व प्रशासन की सुस्त रवैये से टीकाकरण सेंटर में सोसल डिस्टेंस की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। अब लोग इस बात को खुद ही सोसल मीडिया में इस बात को वायरल कर रहे है, बता दे कि यही हाल रहा तो कोरोना संक्रमण और भी तेजी से फैलता जाएगा।

Related Articles

Back to top button