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अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस – शौर्य की मिसाल, जानिए जाट रेजिमेंट से जुड़े विशेष तथ्य

स्थापना वर्ष:1795
आदर्श वाक्य: “संगठन व वीरता”
युद्धघोष: “जाट बलवान जय भगवान”
मुख्यालय: बरेली, उत्तरप्रदेश
आकार: 23 बटालियन

जाट रेजिमेंट भारतीय सेना की एक इंफेंट्री रेजिमेंट है और भारत में सबसे पुरानी और सबसे अधिक पदक प्राप्त करने वाली रेजीमेंट में से एक है। अपने 200 से अधिक वर्षों के जीवन में, रेजिमेंट ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध सहित भारत और विदेशों में अनेक युद्धों में भाग लिया है। सन 1839 से 1947 के बीच यह रेजिमेंट 9 वीरता, 2 विकटोरिया और 2 जॉर्ज पुरस्कारों के साथ 41 युद्ध सम्मान प्राप्त कर चुकी है।

जाट रेजिमेंट के पास 2 अशोक चक्र, 35 शौर्य चक्र, 10 महावीर चक्र, 2 विक्टोरिया क्रॉस, 2 जॉर्ज सम्मान, 8 कीर्ति चक्र, 39 वीर चक्र, और 170 सेना पदक भी शामिल हैं । ये काफी पुराने आंकड़े है इसलिए नए आंकड़ो के अनुसार जाट रेजिमेंट के पास इनसे भी ज्यादा पदक है ।

इस रेजिमेंट में मुख्यतः पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के हिन्दू जाटों की भर्ती की जाती है ।जाट रेजिमेंट में लगभग 96% जाट सैनिक है | सिर्फ एक बटालियन में अजगर यानी अहीर , जाट, गुजर और राजपूत हैं ।

जाट रेजिमेंट ही भारत की एकमात्र रेजिमेंट है जिनमें उसकी कौम का युद्धघोष है । इसका कारण जाट रेजिमेंट का शुद्ध जाट होना है बाकि किसी भी जातिगत रेजिमेंट में उस जाति के 100% सैनिक नहीं होते। राजपूत रेजिमेंट में भी सिर्फ 40% राजपूत है 30% गुर्जर और बाकी ब्राह्मण इत्यादि।

राजपुताना रायफल्स में भी 50% राजपूत और 45% जाट, 5% अन्य। इस प्रकार जाट रेजिमेंट शुद्ध जाट(4.35% को छोड़कर) सैनिकों से भरी है। जाट रेजिमेंट 23 बटालियनों के साथ देश की सबसे बड़ी रेजीमेंट है। 1 बटालियन में 850 सैनिक होते है। सबसे बड़ी रेजिमेंट के साथ ही सबसे ज्यादा सम्मान पाने का रिकॉर्ड भी जाट रेजिमेंट के नाम ही है ।

जाटवीरों ने रेजीमेंट की स्थापना के बाद से अब तक अपने अदम्य साहस और शौर्यता से गौरवशाली इतिहास लिखा है।जाटवीरों ने कई लड़ाइयों में दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं।बरेली में स्थापित जाट म्यूजियम इसका गवाह है, जिसमें कई लड़ाइयों से संबंधित रिकार्ड और दुश्मनों देशों से जंग में छीने गए अस्त्र-शस्त्र भी मौजूद हैं।

10 शहीद जाट वीरों के चित्र और उनकी गौरवगाथा भी म्यूजियम में उपलब्ध हैं। यूँ तो भारत में सेना के 23 ट्रेनिंग सेंटर है लेकिन सबसे अच्छे और बहादुर सैनिक जाट रेजिमेंट सेंटर बरेली में ही तैयार किये जाते है। जाट रेजिमेंट की सराहना तो पाकिस्तानी मेजर जनरल फैजल मुकीम खान ने भी की है ।

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने जाट सेण्टर बरेली में भाषण दिया था कि जाटों का इतिहास भारत का इतिहास है और जाट रेजिमेंट का इतिहास भारतीय सेना का इतिहास है । पश्चिम में फ्रांस से पूर्व में चीन तक ‘जाट बलवान्-जय भगवान्’ का रणघोष गूंजता रहा है ।

(जानकारी महाराजा सुरजमल जनकल्याण जाट समाज, छत्तीसगढ़ की ओर से संदर्भित)

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