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मैनपुर में भ्रष्टाचार चरम पर, मुड़ागाव और सरगीगुड़ा पंचायत में बिना निर्माण के ही निकाली राशि पर जनपद के अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि अब भी हैं क्यूं मौन, बड़ा सवाल

अमलीपदर = गरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद छेत्र के ग्राम पंचायत मुड़ागाव और सरगीगुड़ा में सी सी रोड व नाली निर्माण कार्य के नाम से बिना कार्य के ही राशि का आहरण किए दोनो पंचायत साल भर होने को है लेकिन इन पर अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दोनो पंचायतों को खबर को प्रमुखता से स्थानीय प्रकाशित किया था लेकिन खबर प्रकाशन के बाद भी जनपद के जिम्मेदारों ने अब तक नही की दोनो पंचायत के सरपंच सचिव पर किसी प्रकार की कार्यवाही नही हुई। ऐसा प्रतीत होता है कि कार्यवाही न जनपद जिलाध्यक्ष जनपद सीईओ गरियाबंद जिले के अधीन आये दोनो पंचायत के सरपंच सचिव को विशेष प्रकार की ही छुट सभी ने बांट रखी है और जमकर सरकारी पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है।

क्या है और कहा का है मामला

पिछले दिनों स्थानीय मीडिया ने मुड़ागांव और सरगीगुडा में सीसी रोड निर्माण व नाली निर्माण के नाम से सरपंच सचिव ने राशि का आहरण किया था लेकिन राशि आहरण के साल भर होने पर भी सरपंच सचिव आहरण राशि से कार्य कराना मुनासिब नहीं समझा।

आहरण की गई राशि आखिर गई कहा

मुंडागांव व सरगीगुडा ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव लगभग साल भर पहले राशि का आहरण किया था और कार्य भी नहीं कराया अब सवालिया निशान यह खड़ा होता है कि साल भर पहले निकाली राशि को साल भर से सरपंच सचिव ने कहां रखा है और साल भर से राशि का क्या कर रहे हैं ?

दोनो पंचायत में एक ही सचिव

यहां यह बताना लाजिमी होगा कि बीते दिनों सरगीगुडा एवं मुड़ागांव ग्राम पंचायत में नाली निर्माण और सीसी रोड निर्माण के नाम से सरपंच और सचिव ने साल भर पहले राशि का हरण किया था और अब तक निर्माण नहीं कराया और इन दोनों पंचायतों में एक ही सचिव बसंत सिन्हा हीं है आखिर इस सचिव के उपर जनपद के अधिकारी क्यों नहीं कर पा रहे कार्यवाही इस सचिव को क्यों दे रखी है सरकारी राशि का बंदरबांट करने की छूट।

इंजीनियर की लापरवाही उजागर

इन दोनों पंचायतों में बिना निर्माण कराए ही सरपंच और सचिव ने राशि का आहरण किया है लेकिन इस आहरण में जितने जिम्मेदार सरपंच और सचिव हैं उतने ही जिम्मेदार उस पंचायत की इंजीनियर भी हैं इंजीनियर ने बिना कार्य हुए स्थल का मूल्यांकन कैसे कर दिया जिससे राशि का आहरण हो गया।

जनपद के अधिकारियों ने साधी चुप्पी

मुड़ागांव और सरगीगुडा पंचायत की खबर के लगातार प्रकाशन से अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद भी जनपद के जिम्मेदारों ने इन दोनों पंचायतों पर कार्यवाही न कर छोड़ अपनी चुप्पी साधी हुई है आखिर क्यों इन दोनों पंचायतों पर कार्यवाही करने इन अधिकारियों ने अपना चुप्पी साध लिया है व कार्यवाही करने से पीछे हटते नजर आ रहे हैं।

सचिव को नही है अधिकारियो का डर

जब हमने मोरा गांव सरगीगुडा में पदस्थ सचिव बसंत सिन्हा से पिछले समय खबर प्रकाशन को लेकर वर्जन की बात कही तो सचिव बसंत सिन्हा ने कहा छापना है छाप दो रिकवरी होगा तो पैसा पटा देंगे देखिए सचिव की दबंगाई उनको जनपद के अधिकारियों से कोई डर ही नहीं है सरकारी पैसे को निजी उपयोग करना तो सरकारी पैसे का दुरुपयोग के साथ साथ सरकार के साथ धोखा करना है।

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