आलेख – कोरोना संक्रमण, जीवन और मौत के बीच जूझता आम आदमी, वायरल खबरों के बीच असमंजस की स्थिति – डॉ. चंद्रकांत – cgtop36.com | Cgtop36 Chhattisgarh exclusive news web portal
CGTOP36देश विदेश

आलेख – कोरोना संक्रमण, जीवन और मौत के बीच जूझता आम आदमी, वायरल खबरों के बीच असमंजस की स्थिति – डॉ. चंद्रकांत

कोरोना को लेकर जितनी बाते सामने आ रही है कहीं कुछ सकारात्मक है तो कुछ नकारात्मक ।  इतने बडे विपदा मे समाज का हर वर्ग अपने तरफ से कोशिश करने मे लगा हुआ है।  पर कोविड के मरीज जिनको आक्सीजन की आवश्यकता है उसके लिए एक एक पल महत्व पूर्ण है।  लोगों ने अपनी को खोया है । कम उम्र के लोगों के निधन का समाचार आता है तो सदमा सा लग जाता है ।  पर यह क्षति समय के निकलने के बाद भी नहीं भरेगी । पर दूसरे तरफ केंद्र सरकार भी टीकाकरण के लिए जिस तरह से कटिबद्ध है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है । बहुत अच्छे से चरण बद्ध तरीके से वैकसीनेशन को कैसे लगाया जाए उस पर काम किया गया । अब तो सरकार अठारह साल से उपर वालो के इस स्थिति में आ गई है । अब हम शायद आने वाले दो महिनो मे इस बिमारी से निजात पाने के स्थिति मे आ जाऐंगे  ।  एक सौ तीस करोड़ की आबादी मे इस पर इस तरह से काम करना कि हर लोग सुरक्षित हो और दूरस्थ अंचल के लोगों को भी कवर किया जाए इस पर बहुत काम किया गया है।  इस देश को पोलियो उन्मूलन का अच्छा अनुभव है  । आज भी कोविड के टीकों को दूरस्थ अंचल तक मुहैया कराकर वैकसीनेशन कराना चुनौतीपूर्ण कार्य है।  इस देश का दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र के नाम से किसी भी जनहित राष्ट्र हित के मुददों को भी जब राजनीति का मुद्दा बना दिया जाता है तो उसके गंभीर परिणाम से परिचित होने के बाद भी यह लोग बाज नहीं आते ।  कोरोना टीका को मोदी टीका बना दिया गया । इसके कारण स्वास्थय विभाग को इनको विश्वास मे लेने मे बहुत मेहनत करनी पडी   ।  कभी कोई यह नेता यह कह दे कि मै यह वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा इसका समाज मे प्रदेश में क्या  असर होता है इससे परिचित हैं फिर भी खेल लेते है । अभी भी कोविड वैक्सीन को लेकर सुदूर इलाको में भ्रांतियों के चलते लोगों ने लगाने से इंकार कर दिया।  पर आज इस महामारी के डर ने वैक्सीन के तरफ लोगों को जाने के लिए मजबूर कर दिया है।  वहीं केंद्र सरकार की तारीफ करनी होगी कि जहां वैक्सीन मुफ्त मे दी जा रही है वहीं सशुल्क भी मात्र टोकन मनी के रूप में मात्र दो सौ पचास रुपये मे उपलब्ध है लोग आसानी से इसको भी लगवा सकते है । उल्लेखनीय है कि इस वैक्सीन की वास्तविक कीमत करीब तीन हजार सात सौ रूपये है । दो वैक्सीन की कीमत करीब साढे सात हजार रूपये हो जाती जो आज मात्र पांच सौ रूपये हो रही है  । अब अठारह साल से उपर वालो को लगने से देश का अधिकांश हिस्सा कवर हो जाएगा  । हो सकता है कि आने वाले दिनों में हम इजरायल की तरह बगैर मास्क लगाये दिखे तो कोई आश्चर्य नहीं।   अब हमारी भी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम भी सरकार को सहयोग करे । चलो इसी उम्मीद से हम कोरोना मुक्त होने के तरफ हमारे बढते कदम है ।  बस इतना ही 
डा.  चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ

Related Articles

Back to top button